Latest News: Chauri Chaura 100 Mahotsav will held on 4th Feb, 2021 at Chauri Chaura Smarak, Gorakhpur.

चौरी चौरा ऐतिहासिक क्रान्ति

img

चौरा चौरा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की वह अभूतपूर्व घटना है जिसने आज़ादी के पूरे परिदृश्य को बदल कर रख दिया । प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के उपरांत हमें आज़ादी प्राप्त करने में 90 वर्ष का समय लगा । लेकिन आज़ादी प्राप्त करने में आखरी आहुति का कार्य चौरा चौरा की क्रांति ने किया ।

स्वतंत्रता संग्राम की पूरी पृष्ठभूमि पर दृष्टिपात किया जाए तो यह स्पष्ट हो जाता है कि संपूर्ण स्वतंत्रता आंदोलन किसान आंदोलन था । चौरी चौरा में भी किसानों ने आज़ादी के लिए क्रांति का मार्ग अपनाया ।

किंतु दुर्भाग्यवश इस क्रांति को जो स्थान भारतीय इतिहास में मिलना चाहिए था वह स्थान नहीं मिला । इसके लिए तत्कालीन कई राजनीतिक कारण रहे। इस क्रांति को चौरी चौरा कांड नाम दे दिया गया, जो इसके साथ न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता है । आज़ादी की लड़ाई में ब्रिटिश सत्ता को नेस्तनाबूद करने वाली इकलौती क्रांति को इतिहास में वह स्थान क्यों नहीं दिया गया इसका जवाब किसी के पास नहीं है, लेकिन अब समय आ गया है कि इस ऐतिहासिक क्रांति को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर सबके समक्ष रखा जाए।

क्योंकि इस क्रांति को 4 फ़रवरी, 2021 को 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और ऐसे में यह प्रासंगिक हो जाता है कि इसके इतिहास के बारे में आम जनसामान्य एवं युवा पीढ़ी को बताया जाए और इसी कड़ी में इसके वास्तविक इतिहास पर प्रकाश डालने का प्रयास जारी है ।